Tuesday, January 22, 2019

एक प्रयास

ख्वाहिशें पाल रखी हैं,
बहुत सी अपने मन में।
लेकिन संघर्ष भरा है,
हर कदम जीवन में।।
सोचती हूँ कर पाऊँगी पूरा,
सपनों का जो महल बनाया।
क्या दूर कर पाऊँगी,
जो अंधकार जीवन में छाया।।
हर परिस्थिति में रखती हूं,
चेहरें पर एक मुस्कान।
शायद यहीं बन जाये,
मेरी जीत की पहली मुकाम।।
कभी खुद के हार पर,
मैं होतीं नहीं निराश।
गिरती हु तो क्या हुआ,
उठती भी हूँ बार-बार।।
हर पल रहेगा मेरा प्रयास,
पूरी कर पाऊँ सबकी ऑस।
दुनियॉ भरी स्वार्थियों से तो क्या,
मैं न करूँ किसी को निराश।।

1 comment:

  1. ह्र्दय की गहराई से निकली अनुभूति रूपी सशक्त रचना

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